1 फरवरी 2024 के बजट का शेयर बाजार पर प्रभाव: एक विश्लेषण
1 फरवरी 2024 को पेश किए गए अंतरिम बजट का शेयर बाजार पर मिला-जुला प्रभाव देखने को मिला। बजट से पहले, बाजार में सकारात्मक भावना थी, और सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे याद में नीचे देखने को मिले।
बजट के कुछ मुख्य बिंदुओं का शेयर बाजार पर प्रभाव:
- अर्थव्यवस्था: बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई घोषणाएं की गईं, जैसे कि बुनियादी ढांचे ( इंफ्रास्ट्रक्चर ) में निवेश में वृद्धि, एमएसएमई को रियायतें, और कृषि क्षेत्र को सहायता। इन घोषणाओं से बाजार में सकारात्मक भावना पैदा हुई।
- कर: बजट में करों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया, जिससे बाजार को राहत मिली।
- विदेशी निवेश: बजट में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं की गईं, जिससे विदेशी निवेशकों की भावना में सुधार हुआ।
बजट के बाद शेयर बाजार:
बजट के बाद, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स में थोड़ी गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट मुनाफावसूली और अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना के कारण हो सकती है।
विभिन्न क्षेत्रों का प्रदर्शन: बजट के बाद, बुनियादी ढांचे ( इंफ्रास्ट्रक्चर ), एमएसएमई, और कृषि क्षेत्र से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिली।
विदेशी निवेशकों की प्रतिक्रिया: बजट के बाद, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में निवेश जारी रखा।
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निष्कर्ष:
1 फरवरी 2024 के बजट का शेयर बाजार पर मिला-जुला प्रभाव देखने को मिला। बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं की गईं, जिससे बाजार में सकारात्मक भावना पैदा हुई।
हालांकि, अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना के कारण बाजार में थोड़ी गिरावट देखने को मिली।
कुल मिलाकर, बजट को अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माना जा सकता है।
अतिरिक्त टिप्पणी:
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बजट का शेयर बाजार पर दीर्घकालिक प्रभाव कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि अर्थव्यवस्था की स्थिति, सरकार की नीतियां, और वैश्विक बाजार की स्थिति।
शेयर बाजार में निवेश करते समय अपने जोखिम सहनशीलता और निवेश लक्ष्यों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।
यह भी ध्यान रखें कि यह केवल एक विश्लेषण है और निवेश सलाह नहीं है।
