Airbus, Tata और Mahindra के साथ समझौता, भारत में विमान घटकों के निर्माण को बढ़ावा देगा
एयरबस, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनी, ने भारत में विमान घटकों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए टाटा और महिंद्रा के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के तहत, एयरबस टाटा और महिंद्रा को अपनी तीन सबसे लोकप्रिय वाणिज्यिक विमान श्रृंखलाओं, A320neo, A330neo और A350 के लिए विमान घटकों का उत्पादन करने के लिए अनुबंध देगा।
टाटा को A320neo परिवार के कार्गो और बल्क कार्गो दरवाजे का उत्पादन करने का काम सौंपा गया है। महिंद्रा को A320neo परिवार के लिए विभिन्न धातु घटकों का उत्पादन करने का काम सौंपा गया है। इन घटकों में रनवे के किनारे, लैंडिंग गियर और फ़्यूल टैंक शामिल हैं।
एयरबस के अनुसार, ये समझौते कंपनी की वैश्विक वाणिज्यिक विमान कार्यक्रमों के लिए घटकों की आपूर्ति को मजबूत करने में मदद करेंगे। साथ ही, ये भारत के विमानन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और "मेक इन इंडिया" पहल को बढ़ावा देने में भी मदद करेंगे।
इन समझौतों से भारत में विमान निर्माण उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह उद्योग भारत में भारी निवेश और रोजगार सृजन का अवसर पैदा कर सकता है।
विशेषज्ञों की राय
विमान निर्माण उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि ये समझौते भारत में विमान निर्माण उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। इन समझौतों से भारत को विमान निर्माण क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने में मदद मिलेगी।
भारत सरकार भी विमान निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने "मेक इन इंडिया" पहल के तहत विमान निर्माण उद्योग में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।
निष्कर्ष
एयरबस, टाटा और महिंद्रा के बीच हुए समझौते भारत में विमान निर्माण उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन समझौतों से भारत को विमान निर्माण क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने में मदद मिलेगी।
