कोल इंडिया को थर्मल पावर में 21,000 करोड़ के निवेश की मंजूरी: विकास की राह या चिंता का विषय?
भारत के मंत्रिमंडल ने गुरुवार को सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया को दो थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए 21,000 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दे दी है। इस फैसले को लेकर देश में बहस छिड़ी हुई है, कुछ इसे विकास की राह मान रहे हैं तो कुछ सवाल उठा रहे हैं। आइए जानते हैं इस कंपनी की सहायक कंपनी के निवेश के बारेमें।
कोल इंडिया की सहायक कंपनियों द्वारा निवेश:
मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सहयोग से 1×660 मेगावाट क्षमता के सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा 823 करोड़ रुपये।महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड महानदी बेसिन पॉवे लिमिटेड (एमबीपीएल - एमसीएल की सहायक कंपनी) के माध्यम से 2×800 मेगावाट क्षमता का एथर्मल प्लांट स्थापित करेगी। एसईसीएल द्वारा मध्य प्रदेश में अमरकंटक थर्मल पावर स्टेशन की परियोजना लागत लगभग 5,600 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
क्या होंगे फायदे ?
- बिजली उत्पादन में वृद्धि: भारत दुनिया का एक बड़ा ऊर्जा खपत करने वाला देश है। देश की तेजी से बढ़ती आबादी और अर्थव्यवस्था के लिए पर्याप्त बिजली उत्पादन एक बड़ी चुनौती है। नए थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन में 2,260 मेगावाट की बढ़ोतरी होगी, जो कुल क्षमता को बढ़ाकर देश की बिजली मांग को पूरा करने में मदद कर सकता है।
- रोजगार सृजन: इन प्लांटों के निर्माण और परिचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खनन, परिवहन, निर्माण और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा।
- आर्थिक विकास में योगदान: बिजली किसी भी अर्थव्यवस्था का रीढ़ की हड्डी होती है। पर्याप्त बिजली उपलब्धता से उद्योगों को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी, जिससे औद्योगिक उत्पादन, निर्यात और आर्थिक विकास को गति मिल सकती है।
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यह खबर से कॉल इंडिया के शेर में कुछ हलचल देखने को मिल सकती है । ओर दूसरी बात यह सरकारी कंपनी है और इसका कोई स्पर्धात्मक भी नही है । अगर लंबे समय के हिसाब से देखे तो कंपनी काफी अच्छी है । अभी की कॉल इंडिया की शेर की कीमत जानने के लिए कॉल इंडिया पर क्लिक करके वर्तमान की कीमत जान सकते है।
